TikTok Vs Youtube जाने कौन सही कौन गलत

TikTok Vs Youtube

हाल फिलहाल में जो  Youtube Vs TikTok की बहस शुरू हुई थी वो क्वॉलिटी कॉन्टेंट को लेकर ही शुरू हुई थी. सबसे पहले एक यूट्यूबर एल्विश यादव ने ‘रोस्ट’ के नाम पर एक वीडियो बनाकर टिकटॉक के कई कंटेंट क्रिएटर्स को ‘फालतू’, उल्टे-सीधे कंटेंट बनाने वाला कहा. 12 मिनट के इस वीडियो में गालियां भी थीं. जवाब में टिकटॉक की तरफ से आमिर सिद्दिकी नाम के एक टिकटॉक इंफ्लुएंसर ने वीडियो बनाया और ये कह दिया कि टिकटॉक का कंटेंट यूट्यूबर इस्तेमाल करते हैं.

टिकटॉक पर यह विवादित कंटेंट फैजल सिद्दिकी ने क्रिएट किया है। फैजल सिद्दीकी के टिकटॉक पर 13 मिलियन फॉलोवर्स हैं। इस विवादित वीडियो में फैजल सिद्दीकी लड़की पर एसिड फैंकते से पहले कहता है कि “तुम्हें उसने छोड़ दिया, जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था?” इस डायलॉग के बाद फैजल सिद्दीकी लिक्विड से भरा एक ग्लास लड़की के मुंह पर फेंक देता है। इस वीडियो के खत्म होने पर लड़की के चेहरे पर डरावना मेकअप दिखाई देता है।

इस वीडियो के बाद कई सारे लोगों ने इसका विरोध करते हुए कंपनी से इस तरह के वीडियो शेयर करने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। विवाद के बढ़ने के बाद टिकटॉक ने फैजल का अकाउंट बंद कर दिया है। इस विवाद के टिकटॉक के विरोध में सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट हुए और लोगों ने टिकटॉक को अनस्टॉल कर रेटिंग 1 कर दी है।

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इस विवाद पर अपनी सफाई देते हुए टिकटॉक ने एक ट्वीट में कहा, ‘हमने पिछले कुछ दिनों में कुछ अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे कंटेंट को हटाया है जो हमारी पॉलिसी का उल्लंघन करते हैं। हमने ऐसे कंटेंट को हटाते हुए यूजर्स के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही हम कानूनी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

Tik Tok की क्यों गिर रही है रेटिंग

टिकटॉक को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई तरह की शिकायतें आ रही हैं. इसके कंटेंट पर सवाल उठ रहे हैं. एक टिकटॉक स्टार का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह महिलाओं पर एसिड फेंकने को बढ़ावा देता दिख रहा है. इसी तरह कुछ दूसरे वीडियो में रेप का प्रमोट करने की शिकायत आई. इसके अलावा यूट्यूब और टिकटॉक यूजर्स की लड़ाई भी चल ही रही है. इसमें दोनों के यूजर अपने-अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बताने का दम भर रहे हैं और दूसरे को बेकार कह रहे हैं. इन सबके बीच टि्वटर पर #bantiktok नाम से ट्रेंड चलने लगा.

इसके बाद से ही टिकटॉक की रेटिंग को कम करने का सिलसिला चल पड़ा. लोगों ने प्ले स्टोर और ऐप स्टोर में जाकर टिकटॉक को रिव्यू में कोसा. साथ ही रेटिंग में भी एक स्टार देने लगे. जानकारी के लिए बता दें कि एक से कम रेटिंग नहीं होती है. वैसे पहली बार नहीं है, जब टिकटॉक किसी मुसीबत में पड़ा हो. अप्रैल, 2019 में मद्रास हाईकोर्ट ने इस ऐप को बैन करने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया था.